Incurance क्या है ? Insurance In Hindi Full Guidelines -HowToUse

Insurance क्या है ? Insurance In Hindi Full Guidelines:-

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको Insurance से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां से अवगत कराएंगे यह जानकारी आपके और आपके परिवार के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है| इसलिए  हमारे द्वारा दी गई जानकारी को पूरा पढ़ें |
हम आपको बताएंगे कि Insurance क्या है ? Insurance In Hindi Full Guidelines:-

Insurance In Hindi Full Guidelines pdf




बीमा को इंग्लिश में Insurance नाम से जाना जाता है. Insurance को अगर हम आसन भाषा में समझ तो ये एक बीमा कंपनी और किसी व्यक्ति या किसी संस्था का बिमा करती है, जिसके तहत किसी भी तरह का नुकसान होने पर उसका पूरा हर्जाना Insurance कंपनी देती है.हम मान के चलते हैं किसी व्यक्ति ने अपना बीमा( Insurance ) करवाया हुआ है, और बाद में उसे चोट लग गई या फिर वाहन टूट गया या उसकी कंपनी को आग लग गई तो बीमा कंपनी उसे बीमा पॉलिसी के अनुसार हर्जाना देगी||

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Definition of Insurance In Hindi :-

  • यह एक बीमाकार ( बिमा कंपनी ) और बीमीत (व्यक्ति और कम्पनी) के बीच अनुबन्ध है जिसके तहत बीमाकार ( बिमा कंपनी ) निश्चित धनराशि (प्रीमियम) के बदले बीमित (व्यक्ति और कम्पनी) को एक निश्चित घटना ( चोट लगना, मृत्यु होना, आग लगना इतियादी) के घटित होने पर एक निश्चित राशि देने का वादा करता  है अथवा जिस जोखिम का बीमा कराया गया है उसकी वास्तविक हानि होने पर उसकी पूर्ति का वादा बीमाकार ( बिमा कंपनी ) करती है।
  • बीमा (इंश्योरेंस) उस साधन को कहते हैं जिसके द्वारा कुछ शुल्क (जिसे प्रीमियम कहते हैं) देकर हानि का जोखिम दूसरे पक्ष (बीमाकार या बीमाकर्ता) पर डाला जा सकता है। जिस पक्ष का जोखिम बीमाकर पर डाला जाता है उसे 'बीमाकृत' कहते हैं। बीमाकार आमतौर पर एक कंपनी होती है जो बीमाकृत के हानि या क्षति को बांटने को तैयार रहती है और ऐसा करने में वह समर्थ होती है।

*Insurance Full Guidelines In Hindi :-


  • बीमा एक प्रक्रिया भी है जो पूर्व निर्धारित विधि से संचालित की जाती है। पहले बीमित अपनी जोखिम का अन्तरण बीमाकर्ता को निश्चित प्रीमियम के बदले करता है तत्पश्चात् बीमा कर्तव्यता द्वारा उस जोखिम के विरूद्ध सुरक्षा प्रदान की जाती है।
Insurance की Guidelines PDF IN Hindi
Insurance की Guidelines



Insurance की Guidelines को समझने के लिए Insurance के सिद्धांत और विशेषताएं के बारें समझना बहुत ही जरुरी है क्यूंकि यदि आपने ये समझ लिया की Insurance की किया विशेषताएं होती हैं , तथा Insurance किन सिद्धांतो पर काम करता है तो आप ये भी समझ जायेंगे की इन्शुरन्स किया है और ये किस तरह से काम करता है || 

Insurance के सिद्धांत :-

1 पूर्ण विश्वाश का सिधांत : 



  • इस सिद्धांत के तहत बीमा कंपनी और व्यक्ति दोनों के बीच में पूरा विश्वास होना चाहिए. जब कोई बीमा कंपनी किसी का Insurance करती है तो उसे पूरे विश्वास के साथ जानकारी देनी चाहिए| Insurance के बारे में पूरी सच्चाई बतानी चाहिए कि हमारी कंपनी किस तरह का जोखिम कवर करती है क्या-क्या कंडीशन लागू होती है और इस Insurance प्लान के अंदर क्या करने से आपको दिक्कत इन सभी के बारे में बीमा कंपनी का कर्तव्य है कि वह हमें पूरी सच्चाई बताएं|| 

 2 क्षतिपूर्ति का सिद्धांत : 

  • इस सिद्धांत के तहत यह होता है कि जिस व्यक्ति या कंपनी में Insurance करवाया है उसे केवल उसकी कारण के लिए क्षति पूर्ति या मुआवजा मिलेगा जिसके लिए उसने Insurance करवाया| आसान भाषा में समझे तो हम मान के चलते हैं, किसी व्यक्ति ने अपनी दुकान का Fair Insurance करवाया है, और कुछ समय बाद उनकी दुकान में लाखों रुपए की चोरी हो जाती है बीमा कंपनी चोरी हुए सामान का Claim नहीं देगी|

3 योगदान के सिद्धांत: 

  • इस सिद्धांत के तहत यह होता है कि अगर व्यक्ति ने किसी वस्तु के लिए एक से अधिक Insurance पॉलिसी ले रखी है, तो वह नुकसान होने के दौरान एक से अधिक Claim नहीं ले सकता|
  •  Example:- A ने अपनी दुकान का कंपनी नंबर 1 से तीन लाख रूपय का Insurance करवाया है, और कंपनी नंबर दो से उसने 200000 रूपय का Insurance करवाया है,  और जब उसकी दुकान में किसी भी तरह का नुकसान हो जाता है तो वह या तो कंपनी नंबर 1 से मुआवजा ले सकता है या फिर कंपनी नंबर 2 से एक साथ वह दोनों कंपनियों से मुआवजा नहीं ले सकता|

4 प्रस्थापन का सिद्धांत :

  •  इस सिद्धांत के तहत यह होता है, कि Insurance करवाने वाला व्यक्ति अपनी वस्तु का Claim लेने के बाद में उस वस्तु का मालिक नहीं रहता अब उस वस्तु पर पूर्ण अधिकार बीमा कंपनी का हो जाता है| 
  • Example - A ने अपनी किसी मशीन का  Insurance करवाया है, और आग लगने के कारण उसकी मशीन खराब हो गई, राजेश को  Insurance कंपनी से पूरा Claim मिल गया है, अब खराब हुई मशीन को A Seell नहीं सकता उस मशीन को बेचने का अधिकार बीमा कंपनी को है|

5 न्यूनतम हानि का सिद्धांत :

 इस सिद्धांत के तहत यह होता है, कि Insurance धारक को अपनी संपत्ति का कम से कम नुकसान होने की कोशिश करनी चाहिए|
 Example - A ने अपनी दुकान के लिए Fair Insurance करवाया है, और कुछ समय बाद उनकी दुकान में आग लग गई तो इस दौरान Aको यह कोशिश करनी चाहिए कि वह जल्द से जल्द फायर ब्रिगेड को सूचित करें, पुलिस को इसके बारे में बताएं, और ज्यादा से ज्यादा लोगों की सहायता लें ताकि उसकी दुकान कम से कम नुकसान हो|

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Insurance की विशेषताएँ:-

Insurance In Hindi Full Guidelines With PDF
Insurance In Hindi Pdf

1. जोखिम से सुरक्षा -

  • बीमा जोखिमों से का सशक्त उपाय है। जीवन में व्याप्त सभी अनिश्चितताओं से व्यक्ति को चिन्तामुक्त करता है। ये जोखिमें जीवन , स्वास्थ्य, अधिकारों तथा वित्तीय साधनों, सम्पत्तियों से सम्बन्धित हो सकती है। अत: इन सभी जोखिमों से सुरक्षा का एक उपाय बीमा ही है।


2. जोखिमों को फैलाने का तरीका -

  • बीमा में सहकारिता की भावना के आधार पर “एक सब के लिए व सब एक के लिए कार्य किया जाता है। समान प्रकार की जोखिमों से घिरे व्यक्तियों को एकत्रित कर एक कोष का निर्माण किया जाता है ताकि एक व्यक्ति की जोखिम समस्त सदस्यों में बँट जाये व किसी एक सदस्य को जोखिम उत्पन्न होने पर उस कोष से उस सदस्य विशेष को भुगतान कर दिया जाता है।


3. जोखिम का बीमितों से बीमाकर्ता को हस्तान्तरण -

  • बीमा में समस्त बीमितों की जोखिमों को बीमाकर्ता को अन्तरण कर दिया जाता है। बीमाकर्ता द्वारा बीमित को हानि होने पर निश्चित भुगतान कर दिया जाता है।


4. बीमा एक अनुबन्ध -

  • बीमा में वैधानिकता का गुण होने से यह एक वै ध अनुबन्ध है। इसमें बीमित द्वारा बीमाकर्ता को प्रस्ताव दिया जाता है व बीमाकर्ता द्वारा स्वीकृति दे ने पर निश्चित प्रतिफल (प्रीमियम) के बदले दोनों के मध्य एक वैध अनुबन्ध निर्मित होता है। जिसमें एक निश्चित घटना के घटित होने पर बीमाकर्ता उसकी हानि की पूर्ति करने का वचन दे ता है।


5. बीमा सहकारी तरीका है -

  • बीमा सहकारिता की भावना पर आधारित है। समान प्रकार की जोखिमों से घिरे व्यक्ति एक निश्चित कोष में अंशदान करते है , उसमें से किसी भी सदस्य को जोखिम उत्पन्न होने पर उस कोष से भुगतान कर दिया जाता है। इस प्रकार “सब एक के लिए व एक सब के लिए की भावना पर कार्य किया जाता है।


6. हानियों' जोखिमों को निश्चित करना -

  • बीमा में जोखिमों को समाप्त नहीं किया जा सकता है , परन्तु जोखिमों की अनिश्चितता को कम व निश्चित अवश्य किया जाता है। बीमित द्वारा बीमा कम्पनी को जोखिमों का अन्तरण किया जाता है व एक निश्चित प्रतिफल / प्रीमियम से उस जोखिम का मू ल्य निश्चित कर दिया जाता है। अर्थात् निश्चित प्रीमियम के बदले अनिश्चित हानियों को बीमा कम्पनी द्वारा मिलने वाली बीमा राशि के रूप में निर्धारित कर दिया जाता है। यही राशि बीमा दावा राशि कहलाती है।

7. घटना के घटित होने पर ही भुगतान -

  • बीमा में घटना के घटित होने पर ही भुगतान किया जाता है। जीवन बीमा में घटना का घटित होना निश्चित है , जैसे - व्यक्ति की मृत्यु होना , किसी विशेष बीमारी से ग्रसित होना, बीमा अवधि का पूर्ण हो जाना तो ऐसी स्थिति में बीमित को भुगतान होता ही है। परन्तु सामान्य बीमों में घटना के घटित होने पर ही भुगतान होगा अन्यथा बीमित भुगतान हेतु उत्तरदायी नहीं माना जायेगा।


8. भुगतान का आधार -

  • जीवन बीमा में विनियोग तत्व निहित होता है अत: पक्षकार की मृत्यु होने अथवा अवधि पूर्ण होने पर निश्चित राशि का भुगतान बीमित को कर दिया जाता है। परन्तु अन्य बीमा में वास्तविक क्षति के बराबर ही भुगतान किया जायेगा। यह क्षति अनुबन्धानुसार बीमित कारणों से जोखिम उत्पन्न होने पर व बीमित राशि की सीमा में ही भुगतान किया जायेगा उससे अधिक राशि का भुगतान नहीं।


9. व्यापक क्षेत्र
  • बीमा का क्षेत्र अब बहुत विस्तृत हो गया है। पहले केवल जीवन बीमा, समुद्री बीमा व अग्नि बीमा का ही बीमा होता था पर अब परम्परागत जोखिमों के साथ गैर परम्परागत जोखिमों का भी बीमा किया जाता है। अब विविध बीमा का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है। इसमे चोरी बीमा दुर्घटना बीमा, पशुधन बीमा, फसल बीमा आदि अनेक प्रकार बीमों को सम्मिलित किया गया किया गया है।


10. संस्थागत ढांचा -

  • सम्पूर्ण विश्व में बड़ी-बड़ी संस्थाएं बीमा कार्य में लगी हुई है। भारत में जीवन बीमा निगम, सामान्य बीमा निगम एवं उसकी चार सहायक कम्पनियां व कई निजी कम्पनियां बीमा के कार्य में लगी है।

  उम्मीद है आप को Insurance से जुडी सारी जानकारी यंहा मिल गयी होगी, अगर आपको हमारा Aarticale Incurance क्या है ? Insurance In Hindi Full Guidelines पसंद आया है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ Share करें || 

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